वे दिन गए जब लोग मौखिक वादों पर भरोसा करते थे। भारत के छोटे शहरों से भी यह चलन लगभग ख़त्म हो गया है। संपत्ति विशेषज्ञ एक विस्तृत लिखित किराया समझौता प्राप्त करने की अत्यधिक सलाह देते हैं जिसमें किराया, लॉक-इन अवधि, रखरखाव जिम्मेदारियां, सुरक्षा जमा, नोटिस अवधि और नवीनीकरण शर्तों सहित सभी जानकारी शामिल होती है।
2026 में भारत में एक घर किराए पर लेना? 7 नए नियम हर किरायेदार को अवश्य जानना चाहिए