अविनाशी दिन: अक्षय तृतीया 2026, भारत के सबसे आत्मनिर्भर त्योहार के पीछे की लौकिक घड़ी
कुछ त्यौहार आपको पंचांग को दो बार जांचने, अपने परिवार के पुजारी को बुलाने के लिए कहते हैं, और फिर भी चिंता करते हैं कि क्या राहु आपकी योजनाओं पर बैठा है। अक्षय तृतीया पर ऐसा व्यवहार नहीं होता. यह वह दुर्लभ दिन है जिसे हमारी परंपरा अबूझ मुहूर्त कहती है, यह समय इतना स्वच्छ…