ॐ वक्रतुण्ड महा-काया सूर्य-कोटि समप्रभ, नि – विघ्नम कुरु मे देवा सर्व-कार्येषु सर्वदा, गजाननं भूत गणधि सेवितं कपित्थ जम्बू, फलचारूर भक्षणं उमा सुतम् शोक विनाश, कारकम् नमामि विघ्नेश्वर पाद पंखजम..!!
अर्थ: मैं देवी (उमा) पार्वती के पुत्र, सभी संकटों के विनाशक, हाथी के मुख वाले, भूतगणों और अन्य कपितों द्वारा सेवित और जिनकी आभा करोड़ों सूर्यों के प्रकाश के समान है, विघ्नेश्वर गणेश के चरण कमलों में आदरपूर्वक प्रणाम करता हूँ।
फ़ायदा: इस मंत्र का जाप करने से भगवान गणेश से किसी के जीवन से सभी बाधाओं को दूर करने और उन्हें धन, बुद्धि, सौभाग्य, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद देने का आह्वान किया जाता है।
समृद्धि और सौभाग्य के लिए भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें