सद्गुरु द्वारा आज का उद्धरण: “आपका जीवन तब सुंदर हो जाता है जब आप अपना सब कुछ दे देते हैं और इसकी परवाह नहीं करते कि क्या आता है या नहीं आता है। जीवन का आनंद अभिव्यक्ति में है, भीख मांगने में नहीं।” अपेक्षाएं रखने और परिणामों की आशा न करने पर योगी का क्या कहना है?
जीवन की सच्ची सुंदरता बाहरी सत्यापन की निरंतर खोज से नहीं, बल्कि पूरे दिल से जीने से सामने आती है, जैसा कि सद्गुरु सलाह देते हैं। ईमानदारी को अपनाने और परिणामों की परवाह किए बिना सभी प्रयासों में अपना सर्वश्रेष्ठ देने से वास्तविक खुशी मिलती है। यह दर्शन अनुमोदन के लिए निरंतर अनुरोध पर आत्म-अभिव्यक्ति…