मनोविज्ञान के अनुसार, बारिश के दिन बचपन की सबसे सुखद यादें क्यों बनाते हैं?
कई भारतीय बच्चों के लिए, बरसात की दोपहरें शायद ही कभी अकेले बिताई जाती थीं। बिजली कटौती के कारण मोमबत्ती जलाकर बातचीत हुई। माता-पिता चाय बना रहे थे जबकि बच्चे पकौड़े या भुने मक्के का इंतज़ार कर रहे थे। ताश के खेल अलमारी से बाहर आ गए, कहानियाँ सुनाई जाने लगीं और टेलीविजन अक्सर एक…